Lokayukta asked for investigation report from civic body department within 15 days
BREAKING
पंजाब में प्रशासनिक फेरबदल; सरकार ने इन IAS-PCS अफसरों को सौंपी नई जिम्मेदारी, यहां पर एक नजर में देखिए पूरी लिस्ट अचानक मौत का फिर एक मंजर.. VIDEO; पत्नी के साथ डांस कर रहे व्यापारी पति की मौत, शादी की सिल्वर जुबली मना रहे थे दोनों हरियाणा में स्कूलों के समय में बदलाव; दुर्गा अष्टमी पर इस टाइम से खुलेंगे स्कूल, इतने बजे होगी छुट्टी, शिक्षा विभाग की अधिसूचना PM मोदी और मनोज कुमार की ये बहुत पुरानी तस्वीर वायरल; खुद प्रधानमंत्री ने शेयर की, बोले- महान अभिनेता के निधन से बहुत दुखी हूं दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का निधन; शर्मीले छवि के थे, देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने गए तो 'भारत कुमार' नाम मिला, इंडस्ट्री में शोक

Haryana: मामला प्रॉपर्टी आईडी सर्वे घोटाले का- लोकायुक्त ने निकाय विभाग से 15 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट

Lokayukta asked for investigation report from civic body department within 15 days

Lokayukta asked for investigation report from civic body department within 15 days

Lokayukta asked for investigation report from civic body department within 15 days- चंडीगढ़। हरियाणा के लोकायुक्त ने प्रापर्टी आईडी घोटाले की सुनवाई करते हुए स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को 15 दिन में  जांच रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। गुरूवार को हुई सुनवाई में लोकायुक्त ने कहा कि अगर निकाय विभाग ने इस अवधि के दौरान रिपोर्ट नहीं दी तो लोकायुक्त इस मामले की विस्तृत जांच एसीबी को सौंप देगा।

मामले की सुनवाई की पिछली तारीख पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने लोकायुक्त को दी अपनी प्राथमिक जांच में  एंटी करप्शन ब्यूरो ने प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे में  फर्जीवाड़े के आरोपों को प्रथम दृष्ट्या सही पाते हुए विस्तृत जांच करने की जरूरत बताई थी। इस पर लोकायुक्त ने शहरी निकाय विभाग के प्रधान सचिव से 11 जनवरी तक जांच रिपोर्ट तलब की थी। गुरूवार को सुनवाई के दौरान शहरी निकाय विभाग  के आधिकारी रिपोर्ट पेश नहीं कर  सके। लोकायुक्त अब मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को करेंगे।

पानीपत के आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने  लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा को गत वर्ष 19 जुलाई को निकाय मंत्री कमल गुप्ता, 12 आईएएस सहित शहरी निकाय विभाग के 88 अधिकारियों के खिलाफ शिकायत देकर याशी कंपनी के  प्रॉपर्टी आईडी सर्वे में घोटाले के गंभीर आरोप लगाए थे। लोकायुक्त का नोटिस मिलते ही सरकार ने याशी कंपनी को ब्लैक लिस्ट  करते हुए 8 करोड़ रुपये की बकाया पेमेंट रोक दी थी व लाखों रुपये की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी भी जब्त कर ली थी। आरोप लगाया था कि प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे बोगस होने के बावजूद अधिकारियों ने 58 करोड़ रुपये की पेमेंट कंपनी को कर दी।